डेल्हीवरी ने ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण ₹1407 करोड़ में किया है, जो पिछले वैल्यूएशन ₹7000 करोड़ से बहुत कम है। मीशो जैसे क्लाइंट का लॉस इस डील की बड़ी वजह बनी।
पिछले कुछ सालों में ZLS, Vahak, Porter जैसे प्लेयर्स निवेशकों पर निर्भर रहे हैं और अब यूनिट इकोनॉमिक्स और कैश बर्न के कारण सेक्टर कंसॉलिडेशन बढ़ रहा है।
2021 में Spoton के अधिग्रहण के बाद अब ईकॉम एक्सप्रेस डील से डेल्हीवरी की एक्सप्रेस पार्सल मार्केट हिस्सेदारी ~22% से और बढ़ेगी।
डेल्हीवरी के पास दिसंबर 2024 तक ₹5000 करोड़ से अधिक नकद है, जिससे यह अधिग्रहण ऑल-कैश डील बनती है। शॉर्ट-टर्म चुनौतियों के बावजूद, लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण मजबूत है।
ईकॉम एक्सप्रेस डील लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बदलाव और कंसॉलिडेशन का संकेत देती है। डेल्हीवरी की मजबूत बैलेंस शीट इसे अन्य प्रतिस्पर्धियों से आगे रखती है।