GM Breweries ने FY25 की चौथी तिमाही में ₹169 करोड़ की बिक्री की, जो 6% YoY ग्रोथ है। हालांकि, पूरे वर्ष की ग्रोथ 3% पर सीमित रही। ऑपरेटिंग मार्जिन 17% तक पहुंचा जबकि EBITDA ₹28.7 करोड़ रहा।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में गर्मी और बारिश के चलते गन्ने का उत्पादन 25% तक गिर गया है। इससे मोलासेस की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो GMB का मुख्य कच्चा माल है।
FY26 की पहली छमाही में मार्जिन दबाव में रह सकते हैं, लेकिन ग्रामीण डिमांड में रिकवरी और टैक्स में बदलाव से वॉल्यूम बढ़ सकते हैं। स्टॉक अभी 9x FY26E P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए GMB एक अच्छी पिक हो सकती है। मांग स्थिर है, कंपनी कैश-रिच है और वैल्यूएशन भी तर्कसंगत है।