IRCON की ऑर्डर बुक ₹21,939 करोड़ पर है, लेकिन यह धीरे-धीरे घट रही है। FY22 में 5.9x के पीक से गिरकर अब 2x टीटीएम पर आ गई है, जिससे FY25-26 की राजस्व ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
बांग्लादेश और म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स धीमे हैं। हालांकि, हाई-स्पीड रेल परियोजना प्रगति पर है और FY28 तक पूरी होने की उम्मीद है।
Q3FY25 में कंपनी का राजस्व 11% गिरकर ₹2,613 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन 370 बीपीएस घटकर कमजोर हुआ। FY26 में नए प्रोजेक्ट्स की कम लाभप्रदता के चलते 5.5% तक PAT मार्जिन घटने की संभावना है।
IRCON का स्टॉक FY26 के अनुमानित 26x P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो महंगा माना जा सकता है। ऑर्डर बुक और कैपेक्स गतिविधियों में सुधार के बिना तत्काल निवेश जोखिमभरा हो सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए कंपनी की हाई-स्पीड रेल और सड़क परियोजनाओं पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।