भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर डाल रही है। क्या यह निवेश का सही समय है या और गिरावट का इंतजार करें?
वैश्विक और घरेलू कारकों जैसे अमेरिकी डॉलर की मजबूती, व्यापारिक तनाव, और भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कारण बाजार कमजोर रहा।
Q3FY25 में भारतीय कंपनियों की कमाई उम्मीद के अनुरूप रही, लेकिन मांग में सुस्ती के कारण बढ़ोतरी सीमित रही।
यदि मुद्रास्फीति नियंत्रित रहती है, तो RBI आगे और कटौती कर सकता है, जिससे बाजार को समर्थन मिलेगा।
बाजार के दीर्घकालिक अवसर को देखते हुए निवेशक बड़े कैप स्टॉक्स में धीरे-धीरे निवेश शुरू कर सकते हैं।
हालिया गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक निवेशकों को निफ्टी और अन्य प्रमुख इंडेक्स में निवेश जारी रखना चाहिए।