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बजट 2025 से ‘मेक इन इंडिया’ को नई दिशा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा

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बजट 2025: क्या ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा नया बल?

बजट 2025: क्या ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा नया बल?

मुख्य विशेषताएं

  • आयात प्रतिस्थापन थीम इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रगति कर रही है।
  • 98% मोबाइल फोन घरेलू उत्पादन से आते हैं।
  • सेक्टर अभी भी आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भर है।
  • सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।
  • स्थानीय मूल्य संवर्धन से वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में प्रगति

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र ने पिछले एक दशक में आयात प्रतिस्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। FY24 में स्मार्टफोन निर्माण 4.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

वैश्विक साझेदारियों का उदय

Syrma SGS और Dixon Technologies जैसे घरेलू खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के साथ साझेदारी कर अपने उत्पादन और तकनीकी क्षमता को मजबूत किया है।

घरेलू उत्पादन की चुनौती

PLI योजना ने घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया है, लेकिन IT हार्डवेयर PLI योजना को और समर्थन की आवश्यकता है।

सेमीकंडक्टर मिशन

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत $10 बिलियन का निवेश सेमीकंडक्टर निर्माण और चिप पैकेजिंग के लिए किया जा रहा है।

निष्कर्ष

बजट 2025 से ‘मेक इन इंडिया’ को नई दिशा मिल सकती है, जो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में वैश्विक शक्ति बनने की ओर अग्रसर करेगा।

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